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VOL. 5, ISSUE 1 (2023)
भारत की विदेश नीति, प्रवासी भारतीय एवं महात्मा गांधी
Authors
अखिलेश पाल
Abstract
देश के विकास में प्रवासी भारतीयों के योगदान के महत्त्व को मान्यता देने और देश से जुड़ने हेतु मंच प्रदान करने के लिये भारत सरकार प्रतिवर्ष 9 जनवरी को प्रवासी भारतीय दिवस का आयोजन करती है। वर्ष 1915 में 9 जनवरी को ही महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से स्वदेश वापस आए थे। भारत सरकार ने प्रवासी भारतीय दिवस मनाने की शुरुआत वर्ष 2003 में लक्ष्मीमल सिंघवी समिति की सिफारिश पर की थी। वर्तमान केंद्र सरकार ने प्रवासी भारतीयों को जोड़ने के लिये महत्त्वपूर्ण कार्य किये हैं। सरकार का कोई भी प्रतिनिधि यदि किसी विदेश दौरे पर जाता है तो वह उस देश में रह रहे प्रवासी भारतीयों के बीच अवश्य जाते हैं। इससे प्रवासी भारतीयों के मन में अपनेपन की भावना जन्म लेती है और वे भारत की ओर आकर्षित होते हैं। भारतीय ‘ब्रेन-ड्रेन को ‘ब्रेन-गेन’ में बदलने के लिये भारत सरकार विदेश में बेहतर आर्थिक अवसरों की तलाश में जाने वाले कामगारों के लिये ‘अधिकतम सुविधा‘ और ‘न्यूनतम असुविधा’ सुनिश्चित करना चाहती है।
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Pages:101-103
How to cite this article:
अखिलेश पाल "भारत की विदेश नीति, प्रवासी भारतीय एवं महात्मा गांधी". International Journal of Social Science and Humanities, Vol 5, Issue 1, 2023, Pages 101-103
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